रात में पाजेब पहने
देखो ये कौन मुस्कुरा रहा है
लगता है जैसे उन्माद में
कोई पानी उदा रहा है |
प्रेयसी अपने प्रेमी के इंतज़ार में
जैसे जल के थाल में अठखेलिया कर रही है
उसकी सखियाँ उसे देखो छेदे जा रही है
और हर बूँद में लगता है जैसे
वो अपना गुस्सा दिखा रही है |
ठंडी हवा लगता है उसके दुपट्टे से आ रही है
उसकी खुसबू भी साथ ला रही है
इस हवा में कुछ तो है
जो मन को मदहोश किये जा रही है |