Ye kaun muskhkura raha hai

रात में पाजेब पहने
देखो ये कौन मुस्कुरा रहा है
लगता है जैसे उन्माद में
कोई पानी उदा रहा है |

प्रेयसी अपने प्रेमी के इंतज़ार में
जैसे जल के थाल में अठखेलिया कर रही है
उसकी सखियाँ उसे देखो छेदे जा रही है
और हर बूँद में  लगता है जैसे
वो अपना गुस्सा दिखा रही  है |

ठंडी हवा लगता है उसके दुपट्टे से आ रही है
उसकी खुसबू भी साथ ला रही है
इस हवा में कुछ तो है
जो मन को मदहोश किये जा रही है |

Published in: on August 21, 2009 at 7:18 pm  Comments (6)  
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